सम्पादकीय

मातृशक्ति का कैसा सम्मान

📅 07 May 2026 ✍️ पिघलता हिमालय
इन दिनों में देश में ‘नारी शक्ति वन्दन संविधन संशोधन विधेयक’ को पारित न होने के बाद पक्ष-विपक्ष अपने-अपने तरीके से एक-दूसरे को आरोपित कर रहे हैं। कहते हैं- ‘इनके कारण महिलाओं का आरक्षण नहीं मिल पाया।’ सदन में क्या हुआ, किसने क्या कहा, कितना बहुमत था- सबको सब पता है। फिर कितने ही विधेयक पास होने हैं और कुछ नहीं हो पाते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि उसे सड़क-चौराहे पर नारेबाजी करते हुए अपने पद की गरिमा को भूल जाएं।
इसी मामले को लेकर उत्तराखण्ड में भी राजनीति हो रही है। भाजपा की ओर से मशाल जुलूस सहित तमाम आयोजन हो चुके हैं जिसमें कहा जा रहा है कि महिला आरक्षण बिल गिराने में विपक्ष का हाथ है।
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