सम्पादकीय

हल्द्वानी में हाईकोर्ट

📅 23 July 2026 ✍️ पिघलता हिमालय
उत्तराखण्ड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानान्तरित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसका असर दिखने लगा है। इससे हल्द्वानी को नई पहचान मिलेगी वहीं नैनीताल में होने वाले दबाव से छुटकारा मिलेगा। अभी तक यह कोर्ट नैनीताल के बार्न्सडेल भवन में चल रही है। यह भवन ब्रिटिश काल से ही सत्ता और शक्ति का केन्द्र रहा है। सन् 1900 में बना यह भवन आज भी आकर्षण का केन्द्र है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद 9 नवम्बर 2000 को नैनीताल में देश का 18 वां उच्च न्यायालय बना।
हाईकोर्ट नैनीताल में होना अच्छी बात है लेकिन सरोवरी नगरी में पर्यटन कारोबार के बीच भीड़चाल का भारी दबाव होने लगा था। इसको देखते हुए हल्द्वानी में नए परिसर की चर्चा होने लगी थी। 1 जनवरी 2017 को वरिष्ठ अधिवक्ता एम.सी. काण्डपाल ने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश के.एम.जोसेफ जस्टिस से हाईकोर्ट को हल्द्वानी श्फ्टि करने की मांग की। इसके बाद 2019 में पुनः तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अस्टिस रंगनाथन से यही मां
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