सम्पादकीय

जेन-जी की ताकत को भुनाने की कोशिश

📅 05 August 2026 ✍️ पिघलता हिमालय
जेन-जी की ताकत को दुनिया देख चुकी है। नेपाल में हुए तख्ता पलट और श्रीलंका में हुए संग्राम के बाद भारत में हुए विशाल प्रदर्शन को देख ‘जेज जी’ की समझने और इसकी व्यख्या होने लगी है। रहन-सहन, खानपान से लेकर सोचने के तरीके में कितना बदलाव युगों से समय-समय पर होता रहा है, यह ‘जेन-जी’ के वर्तमान प्रदर्शनों से देखा जा सकता है। देश-दुनिया में हो रही अशान्ति को युवा मन समझ रहा है और चाहता है सकून की दुनिया हो, दल और नेता किस प्रकार से युवाओं का इस्तेमाल अपने लिये करते हैं इसे भी जेन-जी समझ रहे हैं। समूह में सड़क पर उतर ही इस शक्ति की अपनी भाषा और अपने तरीके हैं, वह रटे-रटाये ढर्रे पर नहीं चल रहे। इससे वह अशिष्ट भी कहे जा रहे हैं लेकिन जैसे को तैसा कहते
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