युवा सिर्फ दर्शक नहीं रहना चाहते
किसी भी जन आन्दोलन की सबसे बड़ी पूंजी उसकी नैतिक विश्वसनीयता होती है। ऐसे आन्दोलनों का उद्देश्य बयान देना, नेता बनना नहीं बल्कि एक विचार को प्रवाहित करना होता है। पिफर लोकतन्त्र मे...

किसी भी जन आन्दोलन की सबसे बड़ी पूंजी उसकी नैतिक विश्वसनीयता होती है। ऐसे आन्दोलनों का उद्देश्य बयान देना, नेता बनना नहीं बल्कि एक विचार को प्रवाहित करना होता है। पिफर लोकतन्त्र में तो सत्ता से सम्वाद अधिकार है। सोनम वांगचुक का शिक्षा व्यवस्था को लेकर चलाया गया अभियान जिस प्रकार का आन्दोलन खड़ा कर चुका है वह ऐसा वैचारिक आन्दोलन है जिसमें युवाओं के अलावा हर आयुवर्ग व पेशे से जुड़े लोग सामने आ चुके है...
किसी भी जन आन्दोलन की सबसे बड़ी पूंजी उसकी नैतिक विश्वसनीयता होती है। ऐसे आन्दोलनों का उद्देश्य बयान देना, नेता बनना नहीं बल्कि एक विचार को प्रवाहित करना होता है। पिफर लोकतन्त्र मे...
आगामी विधानसभा चुनाव के लिये पार्टियों के जाल बिछने शुरू हो चुके हैं। उत्तराखण्ड की सभी विधानसभा सीटों पर घमासान के लिये तैयारी है, जिसमें सर्वाधिक जोर ‘सोर’ की सीट पर दिखाई दे रहा...
दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, उन्हें जबरन हिरासत में लेने, सरकार के खिलाफ जबर्दस्त वरोध प्रदर्शन असर उत्तराखण्ड में भी है। ज्वलन्त मुद्दों के आलवा इस प्रदेश म...
उत्तराखण्ड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानान्तरित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसका असर दिखने लगा है। इससे हल्द्वानी को नई पहचान मिलेगी वहीं नैनीताल में होने वाले दब...