साहित्यकार एवं पत्रकार स्व. आनन्द बल्लभ उप्रेती स्मृति समारोह
पिघलता हिमालय द्वारा पत्रकारिता के साथ ही सांस्कृतिक अभियान चलाया गया। इसके लिये हिमालय संगीत शोध समिति द्वारा सांगीतिक अभियान भी प्रमुख हिस्सा रहा है। नियमित रूप से शोध कार्य, पुस्तकों का प्रकाशन, परम्परागत होली समारोह इसका हिस्सा रहे हैं। सन् 2013 आनन्द बल्लभ उप्रेती जी के निधन के बाद उनका अभियान जारी रखते हुये उनकी स्मृति में ही यह आयोजन होने लगा।
वर्ष 2018 में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले महानुभावों को सम्मानित किया गया।
कुलपति, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल
शिक्षाविद् डॉ. नौरियाल कुशल प्रशासक के अलावा तकनीकी जानकार के रूप में सक्रिय रहे हैं। उच्चशिक्षा को पटरी में लाने के लिये उनके सराहनीय प्रयास रहे।
विभागाध्यक्ष वाणिज्य, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल
शिक्षाविद् व जन आन्दोलनों से जुड़े डॉ. अतुल जोशी रामगढ़ में विश्वभारती का परिसर बनवाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देने वाले हैं।
प्रख्यात चित्रकार
प्रख्यात चित्रकार डॉ. गिरीश शर्मा विड़ला विद्या मन्दिर नैनीताल में कला विभाग में शिक्षक रहे हैं। आनन्द बल्लभ उप्रेती जी के साथ काफी संगत शर्मा जी रही और पिघलता हिमालय के लिये कई कार्टून इन्होंने बनाये।
लोक संस्कृति के अध्येता
रायबरेली के सरकारी कालेज में शिक्षक रहे डॉ. जोशी जी लोकगाथाओं के गहन अध्येता हैं। उत्तराखण्ड की गाथाओं को लेकर किये गये कार्यों के अलावा यहाँ के इतिहास को लेकर गहरी जानकारी रखते हैं।
समाजसेवी
सेवानिवृत्त आरएमओ श्रीमान धर्मशक्तू जी अग्रणीय समाजसेवी हैं। जोहार सांस्कृतिक वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सहित कई संस्थाओं के संरक्षक की भूमिका में आप रहे हैं।
हिन्दी विभाग, एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी
हिन्दी विभाग, एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी
हिन्दी विभाग, एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी
अंग्रेजी विभाग, रा.महाविद्यालय बनबसा
अंग्रेजी विभाग, रा.महाविद्यालय टनकपुर
इतिहास विभाग, एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी
उक्त महानुभावों को युवा शिक्षक, इनके योगदान, रचनात्मक कार्यों के प्रति रुचि को देखते हुये सम्मान दिया गया।
वर्ष 2019 में शिक्षा, पत्रकारिता, समाजसेवा और लोकसंस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये सम्मान।
निदेशक उच्चशिक्षा उत्तराखण्ड
आपकी सरलता, व्यवहारिकता, दूरदृष्टि, तकनीकी कौशल, प्रबन्धन का लाभ उच्चशिक्षा को मिला है।
विभागाध्यक्ष इतिहास, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल
इतिहासकार डा. रावत गहन अध्येता के अलावा पर्यावरणीय मामलों के जानकार हैं और सामाजिक मुद्दों पर सतर्क रहे हैं।
समाजसेवी
जसुली बूढ़ी शौक्याणी के वंशज व वरिष्ठ समाजसेवी श्री दताल जी के सामाजिक योगदान व अपनी परम्परा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार
सोशल इंजीनियरिंग व पत्रकारिता के लिये श्री गंगोला जाने जाते हैं। अपनी व्यवहार कुशलता के साथ उत्तर उजाला में सह सम्पादक के रूप में लम्बी सेवा के अलावा पत्रकारों की आवाज उठाते रहे हैं।
जड़ीबूटियों के जानकार
श्रीमान बिष्ट वनाधिकारी के रूप में सेवारत होने के साथ ही आम जन को वृक्षों के प्रति जागरूक करते रहे हैं। इन्होंने हल्द्वानी में एक बाटिका विकसित करने के साथ ही कासनी नामक पौधे की कैंसर रोग में उपयोगिता बताते हुये इसे वितरित किया है।
पत्रकार
मूल रूप से गंगोलीहाट के पाठक जी रंगकर्मी के रूप में भी चर्चित हैं। पहाड़ में पत्रकारिता के बाद भाबर में अपनी रचनात्मक गतिविधियों के साथ सक्रिय हैं।
पत्रकार
पत्रकारिता में भी सिने जगत के मामलों के जानकार भट्ट जी जन सरोकारों से जुड़े रहे हैं।
युवा पत्रकार
पत्रकारिता के अलावा हमेशा सीखने-पढ़ने की लगन गणेश जोशी में रही है, जो गुणी पत्रकार की पहचान है। ज्वलन्त मुद्दों को आप धार देते रहे हैं।
वर्ष 2020 में सामाजिक, शैक्षणिक एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महानुभावों को सम्मानित किया गया।
उच्चशिक्षा उन्नयन समिति उत्तराखण्ड
आपकी दूरदृष्टि, तकनीकी कौशल, प्रबन्ध से उच्चशिक्षा से प्रदेश की उच्चशिक्षा को लाभ मिला है।
निदेशक यूजीसी एचआरडीसी, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल
शोध कार्यों को बढ़ावा देने के अलावा शिक्षा के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता
रामगढ़ फलपट्टी में बहुत ही मेहनत के साथ खेती-किसानी, जल संरक्षण, स्वरोजगार को बढ़ावा देने के अलावा सामाजिक गतिविधियों में अग्रणीय हैं।
रंगकर्मी
श्री पांगती जी शौका परम्पराओं को बहुत ही ईमानदारी के साथ प्रस्तुत करते रहे हैं। अपनी बात-व्यवहार से वह सबके प्रिय हैं।
शिक्षाविद्
बालिका इण्टर कालेज नैनीताल में प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी सावित्री जी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होने के अलावा कई राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित रही हैं।
शिक्षाविद्, ज्योतिषाचार्य
पालीटेकनिक सितारगंज के सेवानिवृत्त प्राचार्य कोष्ठा जी मूल रूप से कानपुर, यूपी के रहने वाले हैं लेकिन उनकी लम्बी सेवा उत्तराखण्ड में रही। वह बहुत ही अनुशासित प्रशासक की भूमिका में रहे। साथ ही संस्कृत, ज्योतिष के प्रकाण्ड हैं।
पत्रकार
छात्र जीवन से जन सरोकारों की लड़ाई लड़ने वाले पाण्डे जी ने पत्रकारिता के माध्यम से प्रिन्ट व सोशल मीडिया से सक्रियता बनाये रखी है।
पत्रकार
युवा पत्रकार के रूप में आप सामाजिक कार्यों को उजागर करते रहे हैं।
युवा पत्रकार
मूल रूप से दन्या क्षेत्र के पाण्डे जी अपनी पर्वतीय परम्परा के पहरेदार के अलावा सुलझे हुये युवा पत्रकार हैं।
वर्ष 2021 में लेखन, पर्वतारोहण, पुलिस सेवा, खेल एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभूतियों को सम्मानित किया गया।
लेखक और प्रशासक
अपनी अद्वितीय लेखनी के अलावा विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहते हुये जनप्रिय रहे हैं।
युवा पर्वतारोही
युवा पर्वतारोही सुमन ने एवरेस्ट विजेता बनकर महिलाओं का मान बढ़ाया है।
लेखक और पुलिस अधिकारी
पुलिस विभाग रहते हुये सरकारी सेवा के अलावा अपने लेखन से समाज में जनजागृति लाने का कार्य करते रहे हैं।
विभागाध्यक्ष क्रीड़ा, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये हमेशा सक्रिय रहे हैं।
लेखक-पत्रकार
प्रिन्ट मीडिया व सोशल मीडिया द्वारा समाज को झकझोरते हुये मार्गदर्शन करने वाले जोशी जी समाजसेवी भी हैं।
सम्पादक/पत्रकार
युवा सम्पादक और पत्रकार राजीव पहाड़ की पीड़ाओं को भली भांति जानते हैं और उन्हें लेकर आवाज उठाते रहे हैं।
पत्रकार
युवा शैलेन्द्र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के चर्चित पत्रकार हैं क्योंकि आप बहुत ही सूझ के साथ जनमुद्दों को उठाते रहते हैं।
सीमान्त के फोटोग्राफर
विषम स्थितियों में भी इकलौते फोटोग्राफर के रूप में वर्षों से सक्रिय रहे शालू सिंह जी धारचूला के अग्रणीय समाजसेवी हैं।
शोधछात्र
शिक्षण व शोध कार्य से जुड़े गौनिया जी लगातार सामाजिक मुद्दों को धार देते रहे हैं।
वर्ष 2022 में शिक्षा, कला, साहित्य, संस्कृति और पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिये सम्मान।
पी.एन.जी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर
शिक्षण-प्रशिक्षण के अलावा शोध कार्यों से उच्चशिक्षा के विकास में अमूल्य योगदान मिला है।
गीत एवं नाट्य प्रभाग नैनीताल
आप वरिष्ठ रंगकर्मी होने के नाते समाज को अपना योगदान देते रहे हैं। गीत-नाट्य प्रस्तुतियों के अलावा नाट्य मंचन में निर्देशन की भूमिका अनुकरणीय है।
पत्रकारिता विभाग, एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा
युवा लेखक व घुमक्कड़ ललित निरन्तर शोध कार्य व रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं।
संस्कृतकर्मी
दारमा घाटी की माटी से उपजे दुग्ताल जी अपनी लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
लोक गायक व लेखक
रँ संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिये रँ बोली/भाषा में गीत-भजन रचना करने के साथ ही आप उनका गायन करने में प्रवीण हैं।
युवा पत्रकार
पत्रकारिता की सुघड़ धारा से जुड़कर समाज सुधार में योगदान दे रहे हैं।
पत्रकार
पत्रकारिता के क्षेत्रा में निरन्तर पहाड़ की आवाज को उठाते रहे हैं।
वर्ष 2023 में शिक्षा, लोकसंस्कृति, संगीत, पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मान।
प्राचार्य, मोतीराम बाबूराम राजकीय महाविद्यालय
दूरदृष्टि, तकनीकी कौशल, प्रबन्ध से उच्चशिक्षा के विकास में अमूल्य योगदान मिला है।
अधीक्षण अभियन्ता, लोनिवि देहरादून
सीमान्त क्षेत्र की आबोहवा से होते, ग्राम तेजम मुनस्यारी की गोद में पले बढ़े। आपकी दूरदृष्टि, तकनीकी कौशल, प्रबन्ध से प्रदेश समाज के विकास में अमूल्य योगदान मिला है।
वरिष्ठ समाजसेवी
रँ कल्याण संस्था बरेली के महासचिव व रँ समाज की परम्परागत पगड़ी पहनाने में आपकी प्रवीणता जग जाहिर है।
युवा संगीतकार, रंगकर्मी
तीन दशकों से रँ, कुमाऊनी और फिल्मी गीतों के माध्यम से लोक रंजन व सामाजिक समरसता में आपका अमूल्य योगदान है।
वरिष्ठ लोक संगीतकार
आपकी लोक संस्कृति को सांगीतिक अभियान द्वारा गतिमान रखने में आपका योगदान है।
सेवानिवृत्त महाप्रबन्धक दूरसंचार विभाग
सीमान्त क्षेत्र दारमा घाटी के प्रथम इंजीनियर, गणित के मेधावी की मान्यता रखने वाले अग्रणीय समाजसेवी हैं।
वरिष्ठ समाजसेवी एवं रंगकर्मी
रँ कल्याण संस्था के भूतपूर्व महासचिव व अपनी संस्कृति के अग्रणीय संरक्षक हैं। पर्वतीय छोलिया नृत्य में आपका अमूल्य योगदान है।
लोक कलाकार
एक लोक कलाकार के रूप में अपनी संस्कृति को सांगीतिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने में आपका योगदान है।
वरिष्ठ पत्रकार व लेखक
आपकी लेखनी द्वारा समाजोद्धार व रचनात्मकता के क्षेत्र में आपका अमूल्य योगदान है।
वरिष्ठ पत्रकार व लेखक
आपकी लेखनी द्वारा समाजोद्धार व रचनात्मकता के क्षेत्र में आपका अमूल्य योगदान है।
वरिष्ठ पत्रकार व लेखक
आपकी लेखनी द्वारा समाजोद्धार व रचनात्मकता के क्षेत्र में आपका अमूल्य योगदान है।
युवा पत्रकार व लेखक
आपकी लेखनी द्वारा समाजोद्धार व रचनात्मकता के क्षेत्र में आपका अमूल्य योगदान है।
वर्ष 2024 में संस्कृति संरक्षण, जैविक खेती, इतिहास दस्तावेज़ीकरण, शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में सम्मान।
अध्यक्ष भूतपूर्व सैनिक वेलफेयर सोसाइटी बेरीनाग
इनके द्वारा विगत 6 वर्षों से जसुली अमा की प्राचीन धर्मशाला की देखरेख और उसे अतिक्रमण से बचाया गया है।
आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने में अग्रणीय
एक उच्च पद से सेवानिवृत्त सोनाल जी विगत 5 वर्षों से हिमालय समुद्र तल से 10500 फिट ऊंचाई में आर्गेनिक कुटू की खेती कर रहे हैं।
संस्कृति और दार्शनिक विषय में रत
श्री सीपाल जी रँ कल्याण संस्था केन्द्रीय कार्यालय के सांस्कृतिक सचिव हैं। जो हमेशा से अपनी संस्कृति और दार्शनिक विषय पर जोर देते हैं।
ऐतिहासिक फोटो संकलक
चन्द्र सिंह जी अपने क्षेत्र के समाज के दर्शनीय स्थलों व सार्वजनिक स्थलों पर नशाबन्दी प्रचार-प्रसार में संलग्न रहने के अलावा ऐतिहासिक फोटो संकलक के रूप में चर्चित हैं।
निदेशक, उच्चशिक्षा उत्तराखण्ड
डॉ. सी.डी.सूठा उत्तराखण्ड उच्चशिक्षा के बहुत ही अनुभवी अधिकारियों में से हैं, जिन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में अपनी सेवा के साथ ही युवाओं को आगे बढ़ाने के लिये अभिनव प्रयोग किये।
एम.बी.पी.जी. कालेज हल्द्वानी
आपकी सरलता, व्यवहारिकता, अपनी दुनबोली के लिये लगातार किये जा रहे प्रयास का लाभ समाज को मिला है।
वरिष्ठ पत्रकार
श्रीमान बंगारी जी रुद्रपुर में अमर उजाला के प्रभारी हैं। आप शुरू से ही जनपक्षीय पत्रकारिता के अलावा सामाजिक कार्यों में संलग्न रहे हैं।
पत्रकार
श्री संदीप जी पत्रकारिता के अलावा अपनी सामाजिक गतिविधियों के कारण लोकप्रिय हैं।
पत्रकार
अपनी रचनात्मक गतिविधियों के साथ पत्रकारिता में नित नये प्रयोग के साथ आप सक्रिय हैं।
पत्रकार
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बेहद सक्रिय पत्रकार विनोद जी हमेशा सामाजिक मुद्दों को उठाते रहे हैं और जनता की आवाज को वरीयता देते रहे हैं।
पत्रकार
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बेहद सक्रिय पत्रकार भूपेन्द्र जी हमेशा जन सरोकारों से जुड़े हैं और अपनी व्यवहारिकता से लोगों के बीच जाने जाते हैं।
वर्ष 2025 में राजस्व, शिक्षा, सामाजिक आन्दोलन, संस्कृति, संगीत और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये सम्मान।
प्रधान आयकर आयुक्त उत्तराखण्ड
अपने कार्य-व्यवहार से समाज को जागरूक करने वाले श्रीमान नरेन्द्र जी दिगड्डी ग्रुप के सदस्य होने के अलावा तमाम सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और दूरस्थ क्षेत्र के मेधावी बच्चों को आगे बढ़ाने में इनका महत्वपूर्ण कार्य इनके द्वारा किया जा रहा है।
संयुक्त निदेशक उच्चशिक्षा
शिक्षा के अलावा युवाओं को हर बेहतर कार्य की ओर उन्मुख करने में श्रीमान उनियाल जी सक्रिय हैं। इनके द्वारा किये गये एनएसएस के कार्यों, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, नशामुक्ति उत्तराखण्ड की सर्वत्र चर्चा होती है।
अ.भा.प्रधान संगठन के अध्यक्ष व राज्य आन्दोलनकारी
नाकुरी पट्टी धरमघर के पांगती जी फौज में रहने के अलावा अपने समाज को जागरूक करने के लिये हमेशा अग्रणीय हैं। परम्परागत लघु-कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिये इनके द्वारा धरमघर सहित तमाम जगह क्रांतिकारी अभियान चलाया गया।
अध्यक्ष शौका संगठन बागेश्वर
अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिये श्रीमती पूजा जी ने लगातार सामाजिक आन्दोलनों में भागीदारी की है। बागेश्वर मुख्यालय में भोटिया पड़ाव की लड़ाई सहित जनमुद्दों पर आज मुखर रही हैं।
रँ कल्याण संगठन लखनऊ
पर्वतीय महापरिषद लखनऊ की उपाध्यक्ष, अ.भा.उत्तराखण्ड महासभा यूपी की अध्यक्ष सहित तमाम संस्थाओं से जुड़ी श्रीमती बोनाल का रँ संस्कृति को आगे बढ़ाने में अभूतपूर्व योगदान रहा है।
पर्वतीय संस्कृति के ध्वजवाहक बरेली
बैनाली गाँव पट्टी कैरोरो बग्वालीपोखर में जन्मे श्रीमान भूपाल जी पर्वतीय संस्कृति के लिये हमेशा जुझारू रहे हैं। बरेली में उत्तरायणी कौतिक की नींव रखने वालों में इन्हें याद किया जाता है।
गीतकार-संगीतकार बरेली
उत्तरायणी जन कल्याण समिति बरेली के सांस्कृतिक सचिव श्रीमान दानू मूल रूप से ग्राम वीथरी पो. गिरगाँव, तेजम के हैं। आकाशवाणी-दूरदर्शन कलाकार के अलावा लोकगीतों को लेकर जागृति करते रहे हैं।
पत्रकार
श्री अमित जी पत्रकारिता के अलावा अपनी सामाजिक गतिविधियों के कारण लोकप्रिय हैं।
पत्रकार
श्री सुमित जोशी अपने शोधात्मक कार्यों के साथ पत्रकारिता में नित नये प्रयोग के साथ आप सक्रिय हैं।
पत्रकार
बेहद सक्रिय पत्रकार पवन जी हमेशा सामाजिक मुद्दों को उठाते रहे हैं और जनता की आवाज को वरीयता देते रहे हैं।
पत्रकार
बेहद सक्रिय पत्रकार सन्तोष जी हमेशा जन सरोकारों से जुड़े हैं और अपनी व्यवहारिकता से लोगों के बीच जाने जाते हैं।
पत्रकार
जनता की आवाज को तर्कपूर्ण प्रस्तुतीकरण में पत्रकार दिनेश जी हमेशा आगे रहे हैं।
वर्ष 2026 में उच्चशिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, संस्कृति, कृषि विज्ञान और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मान।
कुलपति, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल
उच्चशिक्षा में नवाचार के अलावा प्रोफेसर रावत ने पर्वतीय संस्कृति व हिमालय को लेकर हमेशा से कार्य किया है।
आई.जी. गढ़वाल रेंज
श्रीमान नगन्याल जी भूमिका अपने विभाग में जितनी सक्रिय रही है उतनी ही अपने हिमालयी समाज के प्रति सजग हैं।
प्रभारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी व रुद्रपुर
चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रोफेसर तितियाल बन्धुओं ने जो नाम कमाया है वह जगजाहिर है। अपनी लगन आम जन की भावनाओं को जानने वाले व उपचार में अग्रणीय हैं।
बरेली रँ कल्याण संस्था शाखा के उपाध्यक्ष
श्रीमान घनश्याम ग्वाल सांस्कृतिक मूल्यों व अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिये हमेशा से मुख्य भूमिका में रहे हैं। समाज के हर सुख-दुख में इनकी सहभागिता रही है।
वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ, वेस अस्पताल नैनीताल
वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ श्रीमान महिमन सिंह दुग्ताल ने अपनी कर्मठता के बल पर समाज में विशेष स्थान बनाया है। अपने समाज के अलावा दुखियारों को चिकित्सा सेवा में हमेशा योगदान देते रहे हैं।
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक व समाजसेवी
श्रीमान पंचपाल जी विवेकानन्द कृषि अनुसन्धान अल्मोड़ा में वैज्ञानिक के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुके हैं लेकिन इनकी व्यवहारिकता इनके जीवन में भी है। नाकुरी पट्टी क्षेत्र धरमघर से लेकर अल्मोड़ा तक कृषि क्षेत्र में निरन्तर कार्य करते हुये युवाओं को जोड़ने में समर्पित हैं।
रँ संस्था केन्द्रीय कार्यकारिणी के सांस्कृतिक सचिव
अग्रणीय समाजसेवी श्रीमान सीपाल जी लगातार समाज की सुध लेने वालों में से हैं और चाहते हैं कि हमारी सांस्कृतिक विरासत बनी व बची रहे।
जन सरोकारों से जुड़े अग्रणीय पत्रकार
श्रीमान जोशी जी पत्रकारिता के अलावा अपनी सामाजिक गतिविधियों के कारण लोकप्रिय हैं।
जन सरोकारों से जुड़े अग्रणीय पत्रकार
सुश्री दीक्षा जी पत्रकारिता के साथ ही जनभावनाओं को जानते हुये समाज में जागरूकता के लिये अग्रणीय हैं।
जन सरोकारों से जुड़े अग्रणीय पत्रकार
श्रीमान हर्ष जी पत्रकारिता के क्षेत्र में जितने जोशीले हैं उतने ही चौकन्ने सामाजिक व्यवस्थाओं के लिये रहे हैं।
जन सरोकारों से जुड़े युवा पत्रकार
श्रीमान ललित मोहन ने युवा पत्रकार के रूप में ख्याति प्राप्त की है। पढ़ने-लिखने के माहौल को बनाये रखने के लिये वह हमेशा चौकन्ने रहते हैं।
'आनन्दश्री' सम्मान के बारे में अधिक जानकारी अथवा नामांकन हेतु हमसे सम्पर्क करें।
सम्पर्क करें → परिचय देखें