सम्पादकीय

24-02-2024 Posted by: सम्पादक (पिघलता हिमालय)

एन.एस.एस. का मतलब पिकनिक मनाकर डकार लेना नहीं है

राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य ‘मैं’ नहीं ‘हम’ है। साथ ही वसुन्धरा संवारने की बात इसके लक्ष्य गीत में है लेकिन एनएसएस के नाम पर होने वाले आयोजनों का सच कड़वा दिखाई दे रहा है। ऐसे में इसके फार्मूले बदलने होंगे। एनएसएस केवल मौज-मस्ती कर बजट ठिकाने लगाने का नाम नहीं है। देश आजादी के बाद युवा शक्ति को समाज हित में लगाने के लिये जिस राष्ट्रीय सेवा योजना का गठन किया गया था, इसके परिणाम सुखद निकले और देशभर में स्कूल-कालेजों के माध्यम से शाखाएं खुलती चली गईं। देश प्रेम और अपने समाज को संवारने का जज्बा लिये एनएस ...

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‘आरपेशन बनभूलपुरा’ जारी

24-02-2024 Posted by: सम्पादक (पिघलता हिमालय)

हल्द्वानी शहर को जलाने की साजिश को रोकने के लिये ‘आरपेशन बनभूलपुरा’ जारी है। कमिश्नर दीपक रावत मामले की मजिस्ट्रेट जाँच सहित हर पहलू को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा मामले में कोई भी व्यक्ति सप्ताह भर में अपने बयान कमिश्नर कैम्प कार्यालय में अपने बयान दर्ज करा सकता है। हिंसा प्रभावितों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। मामले में उपद्रवियों की पकड़ के साथ ही लूटे गये तमंचे और कारतूस बरामद हुए हैं। डीएम ने सख्ती करते हुए 127 शस्त्रा लाइसेंस रद्द किये हैं। ...

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पड़ाव का मसला : विभिन्न संगठन एकजुट होकर आगे आए

24-02-2024 Posted by: सम्पादक (पिघलता हिमालय)

बागेश्वर। सरस मार्केट से जोहार सासाजिक एवं सांस्कृतिक समिति का कार्यालय हटाने बाद सीमान्त क्षेत्र के संगठनों ने जिस प्रकार से एकजुटता दिखाई है वह सांस्कृतिक एकता के लिये लड़ाई मानी जा रही है। पुरानी परम्परा के अनुसार किन स्थानों पर सीमान्त व्यापारियों के पड़ाव थे, उनको संरक्षित करने की मांग की गई है। जोहार सांस्कृतिक समिति के समर्थन में जगह-जगह बैठकों के साथ समर्थन दिया जा रहा है। समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूजा जंगपांगी ने कहा कि उनकी लड़ाई आने वाली पीढ़ी को यह बताने की है कि जो कुछ बुजुर्गों ने वर्षों तक संरक्षित किया उसे जानो। भोटया पड़ाव केवल स्थान नहीं बल्कि सदियों की परम्परा है जिसमें सामाजिक सौहार्द था। अपने हिमालय, अपनी करोबार, अपनी संस्कृति-सभ्यता की झलक रही है। यह लड़ाई जारी रहेगी। मल्ला जोहार विकास समिति मुनस्यारी ने अध्यक्ष राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्रा भेजते हुए ...

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हिमालय संगीत एवं शोध समिति

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