सम्पादकीय

इतिहास को नकारा नहीं जा सकता

📅 28 August 2026 ✍️ पिघलता हिमालय
हल्द्वानी के निकट रानीबाग में चित्रेश्वर धाम में कथित अतिक्रमण और शनि मन्दिर निर्माण को लेकर पर्वतीय समाज में नाराजी बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर चल रहे अभियान में कहा गया है कि कत्यूरी राजवंश की ऐतिहासिक धरोहर और राजमाता जिया की तपोभूमि है रानीबाग। पर्वतीय समाज की आस्था पर चोट पहुँचाते हुए यहाँ पौराणिक मन्दिर परिसर में कथित छेड़छाड़ की गई है। इस पूरे मामले को लेकर कत्यूरी समाज का प्रतिनिधिमण्डल शासन-प्रशासन से मिल कर चित्रेश्वर के महात्मय को बरकरार रखने की बात कर चुका है।
यह सत्य है कि ऐतिहासिक धरोहरों को संवारे बिना हम अपने इतिहास का चाहे कितना ही बखान करें, उसमें वह बात नहीं रहती जो साक्ष्य के रहते हो। लेकिन इतिहास की अमूल्य ध्रोहरों को किस प्रकार से अ
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