सम्पादकीय

जनप्रतिनिधि होने का मतलब

📅 01 October 2026 ✍️ पिघलता हिमालय
जनता की आवाज को उठाने वाले, जनता के दुःख दर्द को समझने वाले, समाज को न्याय दिलाने वाले, अपनी सामर्थ अनुसार समाज में दानपुण्य करने वाले को जनप्रतिनिधि कहा जाता है लेकिन वर्तमान के भेड़ियाधंसान में जनप्रतिनिधि को वह ताकत मान लिया गया है जिसके साथ दबंगों की टोली हो, जिसके पास धनबल हो, जिसकी कारगुजारियों पर कोई आवाज न उठाए। ऐसा नेता अपनी मनमर्जी करते हुए अराजकता का माहौल बनाता है और समाज में अन्याय होने लगता है। ऐसे नेता अपनी ताकत बनाये रखने और अपनी ताकत को बढ़ाने के लिये निरन्तर करतूत करते रहते हैं।
उत्तराखण्ड जैसे शान्तिप्रिय प्रदेश में जिस प्रकार से ताकत बटोर शक्ति प्रदर्शन करने वाले नेताओं का दबदबा बढ़ता जा रहा है वह आने वाले स
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