दिलेर मेहंदी का झूमना: संस्कृति के नाम पर यही सब हो रहा है
कलाकार का बेढंगा तरीका डांट खाने लायक ही था लेकिन सवाल यह है कि होने वाले आयोजनों में लाखों रुपये देकर कौन सी संस्कृति परोसी जा रही है। कलाकार प्रदेश का हो या बाहर का, आंखिर पिछले कुछ वर्षों से यह सब क्या होने लगा है? इस आयोजन में भी पैंतीस लाख रुपये पर दिलेर मेहंदी को बुलाया गया था। मंत्री द्वारा खुली सभा में एक कलाकार को डांट-डपट के बाद दिलेर मेहंदी के पक्ष में कई बड़े कलाकारों जो चैनल व मंचों पर अपनी प्रस्तुति देते हैं, ने कहा कि ‘दिलेर पा जी’ नशा नहीं करते हैं बल्कि स्वास्थ्य कारणों से गाने में उन्हें दिक्कत थी। और मंत्री ने भी उन्हें खुलेआम इस तरह का बर्ताव नहीं करना चाहिये था। अब सवाल है कि जब किसी तरह की दिक्कत है तो लाख