सम्पादकीय

विद्यालयों को केवल निशाना न बनाया जाए

📅 21 May 2026 ✍️ पिघलता हिमालय
अभी एक समाचार बागेश्वर से मिला कि जिले के विद्यालयों में पढ़ाई के साथ वाद्ययन्त्रों का ज्ञान भी दिया जाएगा। जिले के बारह चयनित विद्यालयों में लोकधुन कार्यक्रम क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय लोक वाद्य यन्त्रों से परिचित करना, उनकी सांस्कृतिक समझ बढ़ाना तथा पारम्परिक धरोहर का संरक्षण और संवधर््ान करना है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक चयनित विद्यालय को लोक वाद्य यन्त्रों की खरीद के लिये पचास हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। विद्यालय प्रबन्धन समिति की देखरेख में पारदर्शी ढंग से वाद्ययन्त्रा खरीदे जाएंगे। संस्कृति विभाग में पंजीकृत कलाकार प्रशिक्षण देंगे।
सुनने और समझने में यह स्कीम बहुत भली लग रही है कि बच्चे अपनी संस्कृति से जुडेंगे। सवाल उठता है कि लोक व्यवस्था में क्या हम अपने बच्चों को यह भी नहीं बता पाए हैं कि उनकी संस्कृति क्या है, उनक
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